लोकतंत्र की हकीकत
मंगलवार, 24 अप्रैल 2012
लोकतंत्र की हकीकत: जनसेवक लालबत्ती पर सवार, चुनाव बाद जनता फिर लाचार
लोकतंत्र की हकीकत: जनसेवक लालबत्ती पर सवार, चुनाव बाद जनता फिर लाचार: Rahul Tripathi सड़क किनारे पान की गुमटी में बैठा रामेश्वर वहां से गुजरती सायरन लगी गाड़ियों की ओर इशारा करते हुये कहता है कि इससे अच्छ...
सोमवार, 23 अप्रैल 2012
जनसेवक लालबत्ती पर सवार, चुनाव बाद जनता फिर लाचार
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| Rahul Tripathi |
उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हुये कुछ सप्ताह ही बीते हैं पूर्ववर्ती सरकार के जुल्मों से निजात पाने के लिये लोगों ने वर्तमान सरकार को बहुमत दिया, लेकिन जीते जनसेवक वातानुकुलित लालबत्ती में घूमकर जमीन से जुड़े लोगों को चिड़ा रहे हैं। ये वास्तविक वाक्या बिल्हौर और रसूलाबाद विधान क्षेत्रों का है उक्त क्षेत्र कानपुर के हैं। निर्धन लोग जहां दलालों के जाल में फंस रहे हैं वहीं कुछ पीड़ित लोग मंत्रियों के दफतरों-घरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। चुनाव पूर्व किये गये वादे उनकी प्राथमिकता में सबसे नीचे आ चुके हैं। नगर-गांव के प्रथम आगमन पर विधायक से मंत्री जैस प्रतिष्ठा वाले पद पर आसीन होने पर भी ये प्रशानिक अफसरों को खुलेआम चुनौती देते नही थक रहे हैं। इस अशोभनीय दशा से खुले आम लोकतांत्रिक व्यवस्था धुमिल हो रही है।
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